Sant Kabir Das Ki Samadhi | संत कबीर दास जी की समाधि

Kabir Das In Hindi

जाने Kabir Das Ke Bare Me Jeevan, Mrityu, Samadhi से सम्बंधित जानकारी। 

क्या आप मगहर के बारे में जानते हैं? Sant Kabir Das Ki Samadhi मगहर में है जो  पूर्वी उत्तर प्रदेश संत कबीर नगर जिले  का एक छोटा सा नगर है, जिसे  मुख्यमंत्री मायावती ने सितम्बर 1997 में बस्ती जिले के कुछ भागों को अलग करके संत कबीर नगर नाम दिया था। साथ ही मायावती ने समाधिस्थल के पास संत कबीर जी की एक कांस्य प्रतिमा का अनावरण भी किया था।

Sant Kabir Das Ki Samadhi “संत कबीर दास जी की समाधि” Kabir Das Ke Bare Me पूरी जानकारी।

मगहर वह जगह है जहां पर भक्त कवि कबीर दास जी का निधन हुआ था, जहां पर Sant Kabir Das Ki Samadhi और मज़ार अगल-बगल मौजूद है। समाधि पर हिंदू पूजा करते हैं और मज़ार पर मुसलमान ज़ियारत करते हैं। कबीर दास की समाधि और मज़ार  राम जन्मभूमि और बाबरी मस्ज़िद की तरह है पर  इस मामले में मज़ार और समाधि के लिए हिंदू-मुसलमान आपस में नहीं लड़े।

मज़ार और मंदिर दोनों के बनने की कहानी बहुत दिलचस्प है. कबीर दास  के मृत्यु के बारे में एक कहानी प्रचलित है कि जब कबीर ने शरीर त्याग किया तो उनके हिंदू और मुस्लिम शिष्यों में इस बात पर झगड़ा होने लगा कि उनकी अंतिम क्रिया वे करेंगे।

हिंदू कबीर के शरीर को अपने धर्म  अनुसार जलाना चाहते थे, जबकि मुस्लिम उन्हें अपनी रीति के अनुसार शव को  दफ़नाना चाहते थे। झगड़े के बीच जब शव पर से चादर हटाया गया तो शरीर की जगह कुछ फूल मिले, आधे फूल लेकर हिंदुओं ने एक समाधि (मंदिर) बना ली और आधे फूल लेकर मुसलमानों ने मज़ार (मस्जिद) बना ली।

  • Sant Kabir Das Ki Samadhi और Mazar की दीवार आपस में जुड़ी है। मंदिर में फूल चढ़ता है, घंटे बजते हैं, तो वहीं मज़ार में चादर चढ़ती है। संत कबीर नगर मुख्यालय से मगहर की तरफ चलने पर आमी नदी के किनारे एक पूरे क्षेत्र को पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित करने का काम  किया जा रहा  है।

14-15 वर्ष पहले जब पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम जी यहां आए थे, तब उन्होंने इस जगह के लिए एक सपना देखा था। मगहर को  राष्ट्रपति अब्दुल कलाम अंतर्राष्ट्रीय  पर्यटन स्थल बनाना चाहते थे  पर राष्ट्रपति जी का सपना 2018 में जब प्रधानमंत्री  Narendra Modi मगहर आये तब उनके सपने को साकार करने के लिए मगहर को अंतर्राष्ट्रीय  मानचित्र में सद्भाव-समरसता के मुख्य केंद्र पर विकसित करने का काम अब  किया जा रहा  है।

Kabir Das Ke Bare Me

मगहर में ऐसा क्या है जिसे Sant Kabir Das Ki Samadhi को अंतरराष्ट्रीय स्तर का पर्यटन स्थल बनाया जाना चाहिए?

Sant Kabir Das Ki Samadhi को लेकर मगहर के बारे में ऐसी कई जनश्रुतियां हैं। एक जनश्रुति है कि संत कबीर साहेब ने जब घोषणा कर दिया कि मैं काशी में न मरकर मगहर में अपने शरीर का त्याग करने जाऊंगा, तो इस पर काशी स्थित मिथिला के कुछ पंडित उनसे मिलने गए।

पंडितों ने संत कबीर दास जी से कहा कि काशी में मरने वाले को तो मोक्ष मिलता है और मगहर में मरने वाले को नर्क मिलता है। तो फिर आप जैसे महान संत मगहर क्यों जाएं, तो इस बात पर कबीर जी ने कहा कि मोक्ष तो वास्तव में मगहर में मरने पर ही मिलता है।

यदि आपलोग भी सच्चे पंडित हो तो मगहर में ही मरने की तैयारी करो, इस पर पंडितों ने कबीरदास जी चुटकी ली कि अच्छा फिर तो आप भी अंधविश्वासी ही ठहरे। काशी के मोक्ष-धाम होने का जैसा हमारा अंधविश्वास, वैसे ही मगहर के मोक्ष-धाम होने का आपका अंधविश्वास ही  तो है, बात तो एक ही हुई न?

  • इस पर कबीर दास जी  ने पंडितों को ठीक से समझाते हुए कहा – ‘मैं उस मगहर में मुक्ति की बात नहीं करता हूं जो गोरखपुर के पश्चिम में पड़ता है, जो कि एक गांव है। मेरे मगहर का अर्थ है – ‘मग’ यानी रास्ता और ‘हर’ यानी ज्ञान मग + हर = ज्ञानमार्ग  इसलिए हे विद्यावान पंडितों! किसी भी भौतिक स्थल में मरकर मोक्ष की कामना करना व्यर्थ है। केवल ज्ञानमार्ग ही मोक्ष का स्थान है। यही आध्यात्मिक मगहर है।

सड़क पर एक बड़ा सा गेट बनाया गया है जो कबीर की परिनिर्वाण स्थली पर आपका स्वागत करता है। मंदिर और माज़र  के पीछे की तरफ़ एक उद्यान है, उद्यान से सटी ज़मीन पर एक यात्री निवास और रसोई का निर्माण किया गया है, इस जगह के दूसरी तरफ कबीर की साधना गुफा है।

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Right में गुफा और Left में रसोई है

मंदिर के पुजारी ने बताया कि इस गुफा में कबीर दास बैठकर ध्यान लगाते थे, पहले यह गुफा कच्ची थी और काफी गहरी थी, लेकिन अब इसे पक्की सीढ़ियां बनवा दी गईं। अब यह कुछ ही फीट गहरी है। समाधि स्थल के बगल में आमी नदी बहती है, जिससे यंहा का वातावरण प्राकृतिक है यंहा पर आने वाले श्रद्धालुओं को उनके मन की शांति मिलती है। आशा करता हूँ की “Sant Kabir Das Ki Samadhi” और Kabir Das Ke Bare Me दी गई जानकारी आप पाठकों के लिए ज्ञानवर्धक होगी। 

Motivational Story

 

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