कानपूर में जीका वायरस का कहर गर्भवती महिलाओं के लिए खतरनाक है -Zika Virus in Hindi

कोरोना के बाद जीका वायरस की ख़बरों  से लोगों में घबराहट बनी हुई  है। लोगों के मन में कई तरह के सवाल हैं। जैसे, जीका वायरस क्या है, यह कितना खतरनाक है, इसके क्या लक्षण दिखते हैं, यह कैसे फैलता है? क्या इसका कोई इलाज है? आइए,  इन सभी सवालों के जवाब जानते हैं।

क्या है जीका वायरस -Zika Virus in India

Zika Virus in Hindi- दो साल हो गए देश आज भी कोरोनावायरस (Coronavirus) जैसी महामारी से जूझ रहा है और इन  दो वर्षों में 08 नवंबर 2021 तक लगभग 4,61,375 लोगों की जान जा चुकी है कोरोनावायरस महामारी से और इसी बीच एक और खतरनाक वायरस ने भी दस्तक दे दी है। केरल (Kerala) के बाद अब उत्तर प्रदेश के कानपुर में  जीका वायरस के संक्रमण का अब तक का पहला मामला सामने आया है।

अब तक कानपुर में कुल 89 केस जीका वायरस के दर्ज किये गए हैं  89 वायरस संक्रमित लोगों में से 55 पुरुष और 34 महिला हैं। इनमे से 23 ऐसे हैं जिनकी उम्र 21 वर्ष से कम है कुल संक्रमित लोगो में से 12 भारतीय वायु सेना के जवान हैं इनमे 11 पुरुष और 1 महिला है। स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और उत्तर प्रदेश की सरकार ने कहा है कहा कि स्थिति से निपटने तथा वायरस रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग एवं नगर निगम के अधिकारियों को सतर्क किया गया है और इसके अलावा, कई टीमों को वायरस के प्रसार की जांच करने का जिम्मा सौंपा गया है।

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जीका वायरस की History

जीका वायरस पहली बार 1947 में युगांडा में पाया गया था। पहली बार यह वायरस बंदरों में पाया गया था बाद में यह वायरस Transform हो गया और Human to Human फ़ैल गया, जीका वायरस एक मच्छर से फैलने वाला फ्लेविवायरस है इस वायरस का प्रकोप अफ्रीका, अमेरिका, एशिया और पेसिफिक तक में फैला हुआ है। इस वायरस का Origin भारत में नहीं हुआ है यह बहार के देशों से आया हुआ वायरस है।

जीका वायरस के लक्षण? Zika Virus Symptoms in Hindi

विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) के अनुसार , Zika वायरस मुख्य रूप से Aedes मच्छरों से फैले एक वायरस के कारण होती है, जो दिन में काटता है। जीका वायरस के लक्षण डेंगू के लक्षण के जैसे होते हैं और आम तौर पर हल्के होते हैं।

मुख्य लक्षण- Zika Virus Symptoms

  • बुखार होना
  • सिरदर्द
  • दाने आना
  • आंख आना
  • मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द
  • बेचैनी

ऊपर बताये गए लक्षण आमतौर पर 2-7 दिनों तक रहते हैं। जीका वायरस संक्रमण वाले ज्यादातरल लोगों में लक्षण दीखते नहीं  हैं। जीका वायरस भी वही मच्छर की प्रजाति से फैलता है जिससे डेंगू भी फैलता है  वायरस वयस्कों, बच्चों और खासकर गर्भवती महिलाओं  को जीका वायरस का नकारात्मक प्रभाव जादे पड़ सकता है इसलिए गर्भवती महिला को जादे बचाव करने की जरुरत है।

Zika Virus से बचाव- Zika Virus in Hindi

WHO का कहना है कि जीका वायरस मच्छरों से फैलती है, मच्छरों से बचने का मतलब है की मच्छरदानी का प्रयोग करना और अपने घर में काला हिट तथा मच्छर स्प्रे को छिड़कना बेहद सहायक हो सकता है। इस प्रकार से मच्छर के काटने से बचाकर ही जीका को रोका जा सकता है। गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों में मच्छरों के काटने से बचाव के लिए विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। हालाँकि सामान्य दर्द और बुखार दवाओं से जीका वायरस का इलाज किया जा सकता है। जब किसी व्यक्ति को जीका संक्रमण से इलाज किया गया है तो आराम और भरपूर पानी के सेवन की सलाह दी जाती है।

Zika Virus का इलाज- Zika Virus in Hindi

 WHO का कहना है कि जीका वायरस या संबंधित बीमारियों का कोई इलाज या Vaccine उपलब्ध नहीं है। हालांकि, जिन लोगों में बुखार, लाल चकत्ते जैसे हल्के लक्षण विकसित होते हैं उन्हें बहुत आराम करने तथा पानी जैसे तरल पदार्थों का सेवन बढ़ाने और सामान्य दवा से दर्द और बुखार का इलाज कराने की सलाह दी जाती है। यदि किसी संक्रमित व्यक्ति की हालत बिगड़ती है, तो तत्काल चिकित्सा सलाह और देखभाल लेनी चाहिए।

जीका वायरस का फिलहाल अभी के लिए कोई इलाज नहीं है। ऐसे में मच्छरों से बचकर रहना ही प्रमुख उपाए है। आमतौर पर जीका वायरस उत्तर भारत में अभी तक कहीं नहीं पाया गया था। कानपुर जिले में पहला केस मिलना भी अपने आप में सवाल है, क्योंकि National Institute of Virology (NIV) की लैब में हुई जांच से पता चला है। फिर हाल अभी तक डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का ही कहर था, जीका वायरस मिलने से मच्छरों से बचाव के हर संभव उपाय करने  की जरूरत है।

 

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